चंबा। अब जंजघर, पैलेस और मंदिरों में धाम लगाने से पहले शहर के लोगों को नगर परिषद चंबा से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा।
आयोजक को समारोह से पहले 1,000 रुपये की पर्ची भी नगर परिषद से कटवानी पड़ेगी। इसके बाद भी धाम का आयोजन कर सकेंगे। बिना अनुमति धाम का आयोजन करवाने पर आयोजकों से नगर परिषद 5,000 रुपये जुर्माना वसूल करेगी। जिला प्रशासन ने इस बाबत जंजघरों, पैलेस संचालकों और मंदिर प्रबंधनों को पत्र जारी कर दिया है। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए इस तरह का निर्णय लिया गया है।
शहर के तहत 11 वार्डों जनसाली, कसाकड़ा, चौंतड़ा, सपड़ी, सुल्तानपुर, मुगला, धड़ोग, हटनाला, चौगान, जुलाहकड़ी और सुराड़ा वार्ड के विभिन्न मोहल्लों में शादियों समेत अन्य समारोहों के दौरान बुक करवाए जाने वाले जंजघरों, पैलसों, मंदिरों में धाम का आयोजन नप की अनुमति से होगा। चंबा शहर में टनों के हिसाब से एकत्रित होने वाले कूड़े-कचरे को संस्थागत तरीके से निष्पादित करने के लिए नप ने पहल की है। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए जिला प्रशासन के आदेशानुसार यह निर्णय लिया गया है। समारोह के आयोजन की पर्ची कटने के बाद धाम के आयोजन के उपरांत सफाई ठेकेदार की गाड़ी मौके पर पहुंच कर पत्तल, गिलास, डोना समेत वेस्ट से भरे बोरों को उठाकर कूड़ा संयंत्र लेकर जाएगी। इस योजना का मुख्य मकसद शहर के आस-पास के नदी-नालों, खड्डों और रावी नदी में फैलाई जा रही गंदगी को रोकना हैं। इसको लेकर जिला प्रशासन सहित नगर परिषद के पास भी कई शिकायतें पहुंची हैं।
उधर, कार्यवाहक कार्यकारी अधिकारी संदीप कुमार ने कहा कि सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लोगों को धाम लगाने से पहले नगर परिषद से एनओसी लेनी होगी। एनओसी न लेने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए एक हजार से पांच हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा। संवाद