चंबा। साहो क्षेत्र के तहत ग्राम पंचायत सराहन के राशन स्टोर में आग लगने से राशन समेत केरोसिन का तेल जल गया। हादसे में प्रारंभिक दृष्टि लाखों का नुकसान होने का अनुमान है। अग्निकांड शनिवार को देर रात पेश आया।
आग लगने की सूचना जैसे ही ग्रामीणों को मिली तो वे मौके पर पहुंचे। इससे पहले की ग्रामीण आगपर नियंत्रण पाते, आग ने स्टोर में रखे राशन की खेप को पूरी तरह जल गई थी। सूचना मिलने के बाद पटवारी ने घटना स्थल का दौरा किया।
इस दौरान विभागीय टीम ने नुकसान की रिपोर्ट तैयार की। इसे आगामी कार्यवाही के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को भेज दिया गया है। पटवारी की भेजी रिपोर्ट के मुताबिक अग्निकांड में दस बोरियां आटा, पांच बोरी गेेहूं, दो केरोसिन के ड्रम और इलेक्ट्रॉनिक कंडा जला है।
वहीं, आग लगने के कारणों का पता लगाया गया है। प्रशासन के पास पहुंची रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार जितेंद्र पुत्र धारो निवासी गांव चलनेरा ग्राम पंचायत सराहन स्थित राशन के स्टोर में देर रात अचानक आग लग गई। स्टोर में लोगों को आवंटित होने वाला राशन रखा था, जो आग की भेंट चढ़ गया।
इनसेट
एसडीएम चंबा शिव प्रताप सिंह ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पटवारी के रिपोर्ट के मुताबिक सामान जला है। इसके साथ ही जले सामान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
इनसेट
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक चंबा अरविंद शर्मा का कहना है कि गुड़ की बोरी में आग लगने की सूचना मिली है। इसके अलावा कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि पुलिस और विभागीय इंस्पेक्टर मामले की तफ्तीश कर रहे हैं। शनिवार दोपहर बाद पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई है।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के बयान सवालों के घेरे में
इस अग्निकांड के मामले में हैरानी की बात तो यह है कि एक तरफ जहां पटवारी ने राशन की बड़ी खेप आग में स्वाह होने की रिपोर्ट तैयार की है वहीं, दूसरी तरफ जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग मात्र एक गुड़ की बोरी में ही आग की चपेट में आने की बात कह रहा है। मामले में अलग-अलग तथ्य सामने आने पर चर्चाएं शुरू हो गए है। वहीं विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरे मामले में दो बातें सामने आ रही है। इसमें पहली बात यह कि या तो डिपो होल्डर ने राशन आवंटित नहीं किया था या फिर राशन की खेप को दबाकर रखा था। एसडीएम चंबा ने मामले की जांच को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं।