चंबा। एचआरटीसी डिपो में परिवहन निगम के कर्मचारियों के भत्तों का पैसा डकारने वाले पूर्व सीनियर ऑडिटर के खिलाफ विजिलेंस में एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि सरकार की तरफ से इस अधिकारी को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। विजिलेंस में भी शिकायतकर्ताओं ने इसकी शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके चलते विजिलेंस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही थी। जांच में यह पाया गया कि चंबा डिपो में कार्यरत सीनियर ऑडिटर सुरेंद्र कुमार ने चालकों-परिचालकों के रात्रि, चिकित्सा और ओवरटाइम भत्तों समेत टीए और जीपीएफ से करीब 29 लाख रुपये निकाल लिए जिन्हें उसने अपने परिवार के खातों में जमा करवा दिया। इस गड़बड़ी की शिकायत परिवहन कर्मचारी संघ के नेता ने सरकार के पास की और मामले की जांच की गई। जांच में सीनियर ऑडिटर को धोखाधड़ी करने के आरोप में संलिप्त पाया गया। इसके चलते उसे चंबा डिपो से स्थानांतरित करके दूसरे जिले में भेज दिया गया। यहां पर सरकार ने उसे
निलंबित भी कर दिया। अब मामले को लेकर वीरवार को विजिलेंस के चंबा थाने में भी एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इसमें विभिन्न धाराओं के तहत उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एएसपी विजिलेंस अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि मामले की शिकायत आने के बाद गहनता के साथ इसकी जांच की जा रही थी। जांच में कर्मचारियों के पैसों का गबन करने के जो उस पर आरोप लगे थे उसके सबूत भी विजिलेंस के हाथ लगे हैं। इसके चलते विजिलेंस ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। विजिलेंस के एसपी बलवीर सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज हो चुकी है। मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है।