चंबा। केंद्र सरकार की ओर से समय-समय पर हिंदी भाषा में कामकाज निपटाने को लेकर आदेश तो जारी किए जाते हैं, लेकिन इन आदेशों को पूरी तरह से अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है।
अखिल भारतीय वरिष्ठ नागरिक फोरम के अध्यक्ष पीसी ओबराय ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि मुगलों और अंग्रेजों के राज में बनी सड़कें, भवन और शहरों के काम 77 वर्षो में नहीं बदले जा सके हैं। अंग्रेजों के समय से वित्त वर्ष पहली अप्रैल से 31 मार्च तक आज भी चालू है, जबकि कैलेंडर में पहली जनवरी से 31 दिसंबर तक पूरा गिना जाता है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग उठाई है कि वित्त वर्ष कैलेंडर ईयर पहली जनवरी से 31 दिसंबर 12 माह का किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत पर अंग्रेजों ने लगभग 196 वर्ष तक राज किया और इससे पहले मुगलों की ओर से कई वर्षों तक राज करने पर भारत वर्ष 1947 में आजाद हुआ। अंग्रेजों के राज से भारत को मुक्त हुए 77 वर्ष बीत चुके हैं, मगर कोर्ट कचहरी में अंग्रेजों द्वारा भारतीयों के खिलाफ बनाए गए कठोर कानून आज भी लागू है। इसे बदलना अत्यंत आवश्यक है। संवाद