तीसा (चंबा)। चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत खजुआ और सेईकोठी पंचायत के औला क्षेत्र में शनिवार शाम करीब चार बजे भारी ओलावृष्टि हुई। अचानक हुई ओलावृष्टि से खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई।
इससे खेतों में खड़ी मटर की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। ओलावृष्टि के बाद क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय किसानों में राकेश कुमार, विजय कुमार, दलीप कुमार, हरीश कुमार, मान सिंह, योगराज और रमेश कुमार की मटर की फसल ओलों की मार से प्रभावित हुई है।
किसानों का कहना है कि यदि फसल को अधिक नुकसान पहुंचा तो उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्षेत्र में कई किसान मटर की खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में फसल को होने वाला नुकसान उनकी आमदनी पर असर डाल सकता है।
बताया कि अचानक हुई ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। उन्होंने कहा कि फसल को हुए नुकसान का सही आकलन होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। किसानों को अब नुकसान के आकलन और प्रशासन की ओर से मिलने वाली सहायता का इंतजार है।
जिले के अन्य क्षेत्रों में भी शनिवार दोपहर बाद मौसम में बदलाव देखने को मिला। पांगी, भरमौर, बनीखेत, चुवाड़ी, डलहौजी और चंबा मुख्यालय में आसमान पर बादल छाए रहे। इससे तापमान में गिरावट महसूस हुई और मौसम में ठंडक बढ़ गई। वहीं, चुराह के खजुआ और औला क्षेत्र में हुई।
डॉ. भूपेंद्र सिंह ने क्षेत्र में ओलावृष्टि होने की सूचना मिलने की पुष्टि की। विभागीय टीम को प्रभावित क्षेत्र में भेजकर फसल को हुए नुकसान का आकलन तैयार करवाया जाएगा। आकलन के बाद ही नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। संवाद