12:32:16 पर रोक के बाद 16:16:16 बनेगी विकल्प, जिले के 22 हजार हेक्टेयर गेहूं क्षेत्र पर पड़ेगा असर
पसंदीदा खाद नहीं मिलने से किसान चिंतित, हिमफेड ने कहा- सरकारी गोदाम में उपलब्ध है दूसरी खाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। गेहूं की बिजाई का समय करीब आते ही किसानों के सामने खाद को लेकर नया बदलाव सामने आ गया है। इस बार एनपीके 12:32:16 खाद उपलब्ध नहीं होगी।
केंद्र सरकार की ओर से इस खाद पर रोक लगाए जाने के बाद किसानों को एनपीके 16:16:16 खाद का विकल्प दिया जा रहा है। बदलाव का असर सिर्फ खाद की उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी कीमत भी किसानों की चिंता बढ़ा रही है।
12:32:16 खाद का एक बैग करीब 1650 रुपये में मिलता था। अब 16:16:16 खाद के लिए करीब 2250 रुपये चुकाने होंगे। यानी एक बैग पर करीब 600 रुपये अतिरिक्त खर्च आएगा। जिले में करीब 22 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई होती है, ऐसे में खाद की कीमत में अंतर का असर बड़ी संख्या में किसानों पर पड़ सकता है।
किसानों संजीव कुमार, सोनू कुमार, अमर सिंह, चतरो राम, बदरो राम और केसो राम ने कहा कि बीज, जुताई, मजदूरी और कृषि दवाइयों का खर्च पहले ही बढ़ा हुआ है। अब खाद के लिए अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ेगी, जिससे गेहूं की खेती की लागत और बढ़ेगी। किसानों ने बिजाई के समय पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाने की मांग की।
उधर, हिमफेड के इंचार्ज गगन कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से 12:32:16 खाद पर रोक लगाई गई है। उन्होंने कहा कि 16:16:16 खाद उपलब्ध है और सरकारी गोदाम में अन्य खाद भी मौजूद है। किसान जरूरत के अनुसार खाद ले सकते हैं।