चंबा। भारी बारिश के कारण जिले में 505 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि बह गई। इससे किसानों को करीब 16 करोड़ का नुकसान पहुंचा है। सबसे ज्यादा नुकसान विकास खंड तीसा और सलूणी में हुआ है। दोनों विकास खंडों में करीब सात करोड़ का नुकसान आंका गया है। लोगों के खेतों में लगी मक्की की फसल भूस्खलन के चलते मिट्टी के साथ ही बह गई।
इसके अलावा उपजाऊ भूमि कटाव के कारण मिट्टी का ढेर बन गई। पिछले कुछ दिन से बारिश ने जिले में कहर बरपा दिया है। कृषि विभाग ने किसानों को हुए नुकसान का आकलन कर सरकार को भेज दिया है। कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलदीप धीमान ने बताया कि भारी बारिश के कारण जिले में कृषि संबंधी भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों को राहत पहुंचाने के लिए विभाग अपने स्तर पर हरसंभव प्रयास कर रहा है। नुकसान के बारे में सरकार को अवगत करवाया जा चुका है।