चंबा। जिले में बारिश और बर्फबारी होने से किसानों और बागवानों ने राहत की सांस ली है। करीब तीन माह बाद बारिश होने से किसानों की ओर से बीजी गई फसलों को संजीवनी मिली है। यह बारिश और बर्फबारी सेब की पैदावार के लिए भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। किसानों और बागवानों के मुताबिक गेहूं की पैदावार के लिए यह बारिश सही है लेकिन सेब की बेहतर पैदावार के लिए अभी भी बर्फबारी की दरकार है। बताया कि करीब तीन माह तक बारिश न होने से गेहूं की फसल और सेब बगीचों को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रतिदिन खेत और बगीचे सूखे की चपेट में आ रहे थे लेकिन, अब बारिश होने से पूरी फसल बर्बाद होने से बच गई है। इस बारिश और बर्फबारी का किसानों और बागवानों को लाभ मिल रहा है।
किसानों योगराज, भूषण सिंह, प्रदीप कुमार, सुशील, दिनेश, मनोज कुमार, दिवान चंद आदि का कहना है कि वे खेतीबाड़ी पर ही निर्भर रहते हैं। इससे उनके परिवार का पालन पोषण होता है लेकिन, बारिश न होने से उनकी चिंताएं काफी बढ़ चुकी थीं। अब उन्हें उम्मीद है कि फसल को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचेगा। कुल मिलाकर बारिश और बर्फबारी होने के बाद किसानों-बागवानों के चेहरों से गायब रौनक लौट आ गई है।
कृषि उपनिदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने बताया कि बारिश से गेहूं और जौ की फसल को संजीवनी मिली है। कहा कि इस बार बारिश काफी देरी से हुई है। इस बारिश से अब औसतन पैदावार होने की उम्मीद जग गई है।