मामले में गिरफ्तार किए जा चुके हैं दो आरोपी, चार अन्य के नाम आए हैं सामने
यूपी के व्यक्ति से दवा मंगवाता था चंबा का आरोपी, महंगे दाम पर करता था बिक्री
मुंबई में भी पकड़ी जा चुकी है 30 लाख की नकली दवाई, तेजी से चल रही है जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। दवा नियंत्रण विभाग की टीम जल्द ही नकली दवाई के मामले की जांच करने के लिए मुंबई जा सकती है। इस मामले में विभाग दो लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर चुका है।
इसमें चंबा के जुलाहकड़ी निवासी हरमीत सिंह और उत्तर प्रदेश के मोहम्मद अहमद निवासी गांव गोपालपुर, डाकघर सुमाखोर, जिला महाराजगंज शामिल हैं। इससे चंबा का निवासी मुंबई से बिना बिल की दवाई मंगवाता था। इन दवाइयों को नशे में इस्तेमाल करने के लिए युवाओं को महंगे दाम पर बेचता था। जब दवा निरीक्षक ने चंबा में दवाई खरीदने वाले व्यक्ति को दबोचा तो उसके जरिये मुंबई से दवाई भेजने वाले को भी दबोचा। उसने पूछताछ में चार अन्य लोगों के नाम उजागर किए हैं। इन लोगों को दबोचने के लिए चंबा से दवा नियंत्रण की टीम जल्द ही मुंबई में दबिश दे सकती है। इसके लिए पुलिस की भी मदद ली जाएगी। हालांकि, मुंबई में 30 लाख की नकली दवाई वहां का दवा नियंत्रण विभाग संबंधित फार्मेसी से पकड़ चुका है।
अब आगे की कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने और नकली दवाई के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों को बेनकाब करने के लिए चंबा दवा नियंत्रण टीम अपनी दबिश मुंबई में देने की तैयारी कर रही है। इस मामले को उजागर करके स्वास्थ्य विभाग ने जिला नहीं पूरे प्रदेश की दवा कंपनियों में हड़कंप मचा दिया है। इससे पहले कभी भी किसी दवा निरीक्षक ने इतनी गंभीरता से किसी दवा मामले में शायद ही ऐसी कार्रवाई अमल में लाई हो। यही वजह है कि चंबा में कार्य करने वाले दवा निरीक्षक को बदलने के लिए कई लोग राजनीतिक जुगाड़ लगाने में जुट चुके हैं।
उधर, राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि इस मामले की तह तक जांच करने के लिए विभाग की टीम जल्द ही मुंबई में जा सकती है।