उत्तरप्रदेश के वाराणसी से आए श्रद्धालु मणिमहेश के लिए जाते हुए। संवाद
वाराणसी से आए दल ने भीड़ से बचने के लिए यात्रा समाप्त होने के बाद चुना कैलाश का रास्ता
दो दिन पहले भरमौर से पैदल यात्रा पर निकले श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। भगवान शिव के प्रति आस्था वाराणसी के पांच श्रद्धालुओं को बर्फ से ढके दुर्गम रास्तों पर भी आगे बढ़ने का हौसला दे रही है। दुर्गेश जोशी, कृष्ण गुप्ता, आकाश राजपूत, अरविंद वर्मा और अभिजैन नाटा का दल दो दिन पहले भरमौर से पैदल मणिमहेश कैलाश के लिए रवाना हुआ। कठिन चढ़ाई, फिसलन और कड़ाके की ठंड के बीच दल के सदस्य कैलाश के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
श्रद्धालुओं ने बताया कि आधिकारिक मणिमहेश यात्रा के दौरान काफी भीड़ रहती है। इसलिए उन्होंने यात्रा समाप्त होने के बाद कैलाश जाने का निर्णय लिया, ताकि शांत माहौल में पवित्र स्थल और वहां चमकने वाली मणि के दर्शन कर सकें। उनके लिए यह यात्रा केवल धार्मिक स्थल तक पहुंचने का प्रयास नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति आस्था और विश्वास से जुड़ा अनुभव है।
दल के सदस्यों को भरोसा है कि भोलेनाथ की कृपा से उनकी यात्रा सफल होगी। बर्फीले रास्तों पर चुनौतियों के बावजूद उनका उत्साह बना हुआ है। यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर स्थानीय लोगों की ओर से श्रद्धालुओं के ठहरने और खाने-पीने के लिए अस्थायी व्यवस्था भी की गई है।
उत्तरप्रदेश के वाराणसी से आए श्रद्धालु मणिमहेश के लिए जाते हुए। संवाद