चंबा। नशा मुक्त समाज और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रयास करने वाला प्रत्येक व्यक्ति सच्चा देशभक्त है। यह बात राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर ने कही। वह ऐतिहासिक चौगान में विधिक साक्षरता शिविर में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि पर्यावरण के बिगड़ते संतुलन के कारण ही कुछ वर्षों में अनापेक्षित आपदाएं घटित हो रही हैं। पर्यावरण संरक्षण और नशा मुक्त समाज की दिशा में प्रत्येक नागरिक को व्यक्तिगत प्रयास करने की जरूरत है, तभी आने वाली युवा पीढ़ी को नशे के चंगुल से बचाया जा सकता है।
शिविर में नशा मुक्त समाज, भारत का संकल्प, पर्यावरण संरक्षण, भूमंडल रक्षण और आपदा पीड़ित पुनर्वास से संबंधित कानूनी पहलुओं के बारे में लोगों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न हिस्सों से आए पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं, शिक्षण संस्थानों के अध्यापकों और विद्यार्थियों के अलावा बड़ी संख्या में अन्य लोग भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में नशा मुक्त समाज भारत का संकल्प विषय पर अधिवक्ता डीपी मल्होत्रा और किरण सिंह ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। पर्यावरण संरक्षण भूसंरक्षण के विषय में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चंबा के विद्यार्थी दिवेश और तमन्ना ने महत्वपूर्ण प्रकाश डाला। आपदा पीड़ित पुनर्वास के संबंध में पुलिस विभाग के निरीक्षक गगनदीप सिंह और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज ने भी संबंधित विषय में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
इससे पहले राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंबा की छात्राओं ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् प्रस्तुत किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंबा की अध्यक्ष प्रीति ठाकुर ने मुख्य अतिथि और अन्य विशिष्ट मेहमानों का स्वागत किया।
इस अवसर पर रमनीक शर्मा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, न्यायिक दंडाधिकारी चंबा पार्थ जैन, डलहौजी से दिव्य शर्मा, तीसा से सुमित ठाकुर, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मेहरा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज, चिकित्सा महाविद्यालय चंबा के संयुक्त निदेशक केशव राम और अन्य उपस्थित रहे।