चंबा। चंबा के मोहल्ला मुगला के श्मशानघाट का रास्ता बेहद खराब होने के कारण अंतिम यात्रा की डगर भी मुश्किल हो गई है। श्मशानघाट के लिए जाने वाला रास्ता संकरा है। भूस्खलन का मलबा आने से यह रास्ता बीच से बंद है। दूसरी जगह से शवयात्रा को घर के आंगन से ले जाना पड़ रहा है।
निकासी नालियां बनाने के बाद पूरा रास्ता धंसने के कगार पर है। इसमें करीब पांच सौ मीटर की गहरी खाई है। नीचे रावी नदी बह रही है। दाह संस्कार में जाने वाले लोगों के लिए भी इस रास्ते से आवाजाही करना बेहद कठिन है। छोटी सी गलती किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। हालांकि, रास्ते को दुरुस्त करने पर नगर परिषद लाखों की राशि खर्च कर चुकी है, मगर आज तक यह सुरक्षित नहीं हो पाया है। हैरानी की बात है कि पिछले साल और इस बार भारी बरसात के दौरान भारी मात्रा में मलबा आ गिरा था। इसे अभी तक नहीं हटाया गया है।
स्थिति ऐसी है कि शवयात्रा के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं है। इससे नगर परिषद भी अनभिज्ञ नहीं है, बावजूद इसके सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कुछ माह पहले श्मशानघाट के रास्ते की मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की गई है। गौरतलब है कि मोहल्ले की आबादी करीब दो हजार है। यह रास्ता पिछले करीब पांच साल से जर्जर होता जा रहा है।
नगर परिषद ने भी समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया है। जल्द स्थायी हल न किया गया तो श्मशानघाट की ओर जाने वाले रास्ते का अस्तित्व खत्म हो
सकता है। वार्ड पार्षद अंजू देवी का कहना है कि यह मामला ध्यान में है। कहा कि इस बारे में नगर परिषद को अवगत करवाया गया है। रास्ता काफी संकीर्ण है। एसडीएम चंबा अरुण शर्मा का कहना है कि यह मामला उनके ध्यान में नहीं है। इस बारे में लोग प्रस्ताव दें तो अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।