ग्रोहण-प्रथम विद्यालय में अभिभावकों से चर्चा करते पुलिस अधिकारी।
सलूणी (चंबा)। राजकीय प्राथमिक पाठशाला ग्रोहण-1 के गेट का ताला खुलवाने के लिए शनिवार को पहुंचे पुलिस बल को खाली हाथ लौटना पड़ा। अभिभावक विद्यालय परिसर के रास्ते में एकत्रित हो गए।
उन्होंने साफ किया है कि जब तक विद्यालय में स्थायी अध्यापक नहीं आ जाते, तब तक वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे और न ही गेट का ताला खोलेंगे। अभिभावकों ने शनिवार को भी डेपुटेशन पर जेबीटी अध्यापक और नेट्स के तहत भेजे एक ट्रेनी शिक्षक को स्कूल में प्रवेश नहीं करने दिया। डेपुटेशन पर पहुंचे शिक्षकों को स्कूल परिसर के बाहर ही बैठना पड़ा।
एसएमसी अध्यक्ष मुकेश कुमार, महिंद्र कुमार, अशोक कुमार, मदन लाल, रेखा देवी, रत्तो देवी और नरेश कुमार ने बताया कि ग्रोहण-प्रथम विद्यालय को विभाग ग्रोण -द्वितीय स्कूल से तीन दिन, भडनौता स्कूल से तीन दिन और जलोई स्कूल से तीन दिन के लिए अध्यापक को भेजा जाता है। 60 दिन तक इन अध्यापकों ने डेपुटेशन पर बच्चों को पढ़ाया। बताया कि अभिभावक स्थायी अध्यापक की मांग कर रहे हैं। इसे पूरा नहीं किया जा गया का है। स्कूल में प्री प्राइमरी में 27 और पहली से पांचवीं कक्षा तक 33 विद्यार्थी हैं। विभाग स्थायी अध्यापकों की तैनाती नहीं कर रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। इसी के चलते अभिभावकों ने पुलिस जवानों के साथ डेपुटेशन पर पहुंचे अध्यापकों को स्कूल परिसर में दाखिल नहीं होने दिया। कहा कि जब तक स्कूल में दो स्थायी शिक्षक तैनात नहीं होंगे, तब तक आंदोलन जारी रखेंगे।
किहार थाना प्रभारी अनिल वालिया ने बताया कि पुलिस जवानों को मौके पर भेजा गया था। एसएमसी और पंचायत प्रतिनिधियों ने पुलिस कर्मियों को बताया कि वे बच्चों के भविष्य के लिए आंदोलन कर रहे हैं। जब तक नियमित अध्यापकों की तैनाती नहीं होती, वे आंदोलन से नहीं हटेंगे।