परमिट की अवधि खत्म होने के बाद भी धड़ल्ले से निकाली जा रहीं कशमल की जड़ें
वन विभाग ने ठेकेदारों को जारी किया था 27 मार्च तक परमिट, लोग बोले- पहाड़ों को किया जा रहा खोखला
ठेकेदारों ने कई जगह इकट्ठा की हैं टनों के हिसाब से कशमल, लोगों से भी 12 रुपये किलो के हिसाब से खरीदीं
संवाद न्यूज एजेंसी
तीसा (चंबा)। चुराह क्षेत्र में धड़ल्ले से कशमल की जड़ें निकालने का क्रम जारी हैं। हैरत की बात है कि वन विभाग की ओर से ठेकेदारों को कशमल की जड़ें निकालने के लिए जारी परमिट की मियाद 27 मार्च को खत्म हो चुकी है। बावजूद इसके क्षेत्र में कशमल की जड़ें निकालने का क्रम जारी है। लोगों का कहना है कि वर्तमान समय में पौधों और पेड़ों पर नए पत्ते अंकुरित होने का क्रम शुरू हो चुका है। ऐसे में दी गई मियाद पूरी होने के बाद भी कशमल की जड़ें निकालने का क्रम जारी होना कई सवाल खड़े कर रहा है। लोगों ने हैरानी जताई कि वन विभाग भी परमिट की अवधि खत्म होने के बाद अवैध रूप से कशमल की जड़ें निकालने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर रहा है। चंद पैसे कमाने के चक्कर में पहाड़ों को खोखला किया जा रहा है।
वन विभाग ने चुराह विधानसभा क्षेत्र में कशमल निकालने के लिए चुनिंदा ठेकेदारों को 27 मार्च तक परमिट जारी किए हैं। परमिट मिलने के बाद ठेकेदारों ने सेईकोठी से सनवाल, देहग्रा, झज्जाकोठी, शलेलाबाडी़, सेईकोठी, हरतवास, थनेईकोठी समेत आस-पास के क्षेत्रों में जगह-जगह टनों के हिसाब से कशमल की जड़ें निकालकर इकट्ठा की हैं। ठेकेदारों ने लोगों से भी करीब 12 रुपये किलो की दर से कशमल की जड़ें खरीदी हैं। परमिट मिलने के बाद निजी के साथ सरकारी जमीन से भी कशमल की जड़ें निकाली गईं।
परमिट की अवधि खत्म होने के बाद ज्यादातर ठेकेदारों ने काम रोक दिया है, लेकिन एक ठेकेदार बेधड़क कशमल की जड़ें निकालने का काम कर रहा है। लोगों का कहना है कि मकान बनाने या मकान की छत टूटने पर यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति के पेड़ काटता है तो विभाग की ओर से उस पर बड़ी कार्रवाई की जाती है, लेकिन मियाद खत्म होने के बाद भी धड़ल्ले से कशमल निकालने वालों पर महकमा लगाम लगाने से पीछे हटता ही प्रतीत हो रहा है।
उधर, वन विभाग के आरओ चुराह अजय कुमार ने बताया कि कशमल की जड़ें निकालने वाले ठेकेदारों को 27 मार्च तक परमिट मिले हैं। संबंधित ठेकेदार एक्सपोर्ट परमिट के आधार पर शेष बची कशमल को उठाने का काम कर रहे हैं। आगामी कुछ दिन में कशमल को पूरी तरह से उठा लिया जाएगा। इसके बाद भी कोई कशमल उखाड़ता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।