कूड़ा संयंत्र कुरांह में जली मशीनें:
चंबा। कुरांह स्थित कूड़ा संयंत्र में लगी आग से करोड़ों रुपये की मशीनें जलकर राख हो गई थीं, लेकिन घटना के एक साल बाद भी नगर परिषद कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई है। न तो नया कूड़ा निस्तारण संयंत्र स्थापित किया गया है और न ही जली हुईं मशीनों के स्थान पर नई मशीनों की खरीद की गई हैं। इसका सीधा असर शहर की कचरा निष्पादन व्यवस्था पर पड़ा है, जो पूरी तरह ठप हो चुकी है।
नगर परिषद की ढिलाई के चलते शहर में कचरा सड़कों पर पड़ा नजर आ रहा है। हालांकि परिषद ने नए कूड़ा संयंत्र के लिए कुछ स्थलों का चयन किया, लेकिन स्थानीय लोगों के लगातार विरोध के कारण परियोजना शुरू नहीं हो सकी है। वहीं, जली हुई मशीनों की खरीद और कचरे के वैकल्पिक निपटान को लेकर नगर परिषद अब तक कोई स्पष्ट समयसीमा तय नहीं कर पाई है।
25 दिसंबर 2024 की देर रात कुरांह कूड़ा संयंत्र में कचरे के ढेर में अचानक आग भड़क गई थी। इस आग में नगर परिषद द्वारा सूखे कचरे के पैकेट बनाने के लिए स्थापित करीब एक करोड़ रुपये की तीन मशीनें पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई थीं। घटना को एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन नगर परिषद अब तक कूड़ा संयंत्र की स्थायी व्यवस्था नहीं कर पाई है।
हालांकि मरेड़ी क्षेत्र में सूखे कचरे के निपटान के लिए स्थान चिह्नित किया गया है, लेकिन गीले कचरे को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध बना हुआ है। लोगों का कहना है कि गीले कचरे से क्षेत्र में गंदगी और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ेंगी। नगर परिषद की इस लापरवाही से न केवल शहरवासियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि संपूर्ण सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
मामला उनके संज्ञान में है। संयंत्र के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश की जा रही है। जैसे ही नई जगह उपलब्ध होगी, कूड़ा निष्पादन के लिए आवश्यक मशीनें भी मंगवाई जाएंगी। राखी कौशल, वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद चंबा