भरमौर (चंबा)। मणिमहेश यात्रा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने पंजीकरण को पूर्ण रूप से अनिवार्य कर दिया है। बुधवार को एडीएम कुलवीर सिंह राणा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण के किसी भी श्रद्धालु को यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एडीएम ने बताया कि 16 से 31 अगस्त तक चलने वाली इस पवित्र यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था पहले से चालू है, लेकिन जो श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण नहीं करवा पाएंगे, उनके लिए यात्रा मार्ग में कई ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन केंद्र स्थापित किए हैं। एडीएम ने कहा कि यात्रा के बेहतरीन संचालन और प्रबंधन के लिए सेक्टर अधिकारी भी नियुक्त किए हैं।
बैठक में उन्होंने सेक्टर अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत करवाया। समीक्षा के दौरान यह निर्णय भी लिया गया कि सेक्टर अधिकारी समय-समय पर लंगर, शौचालय, बिजली और पानी की सुविधा का निरीक्षण करते रहेंगे। यात्रा के दौरान सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने आने वाले श्रद्धालुओं से भी अनुरोध किया कि वह भी प्रशासन का सहयोग करे ताकि मणिमहेश यात्रा को सफलता से आयोजन किया जा सके। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
पंजीकरण केंद्रों की सूची:
चौरासी मंदिर भवन, भरमौर
वन कुटीर, दड़भ होली
फुट ब्रिज, कुगती
भरमाणी मंदिर परिसर
प्रंघाला (वन्यजीव विभाग भवन के पास)
यात्री भवन, गुईनाला