बोले- सत्ता परिवर्तन के साथ ही दो गुटों में बंट जाता है अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ
समय पर महंगाई भत्ता और अन्य वित्तीय लाभ नहीं मिलने के कारण परेशान हैं कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। न्यू पेंशन स्कीम के तहत दस वर्ष से कम सेवाकाल वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजीव गुलेरिया ने कर्मचारी हितों, युवाओं के भविष्य और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सरकारों पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और अधिकारियों की गुटबाजी के कारण उनके जायज हक प्रभावित हो रहे हैं। अलग-अलग एसोसिएशन बनाकर कर्मचारी संगठन अपने हितों की आवाज उठाने के बजाय राजनीतिक चाटुकारिता में लगे हैं।
डॉ. गुलेरिया ने कहा कि सत्ता परिवर्तन के साथ ही अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ दो गुटों में बंट जाता है। दोनों गुट खुद को असली संगठन बताते हुए सरकार के करीब जाने का प्रयास करते हैं। इसका खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ता है। समय पर महंगाई भत्ता और अन्य वित्तीय लाभ नहीं मिलने से कर्मचारी परेशान हैं। कर्मचारी वर्ग को गुटबाजी छोड़कर एकजुट होना होगा।
उन्होंने आउटसोर्सिंग भर्ती व्यवस्था पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। लोक सेवा आयोग और राज्य चयन आयोग जैसी पारदर्शी संस्थाओं के माध्यम से नियमित भर्तियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने और आउटसोर्सिंग व्यवस्था बंद करने की मांग की। प्रदेश के सभी विभागों में रिक्त पद पारदर्शी तरीके से भरे जाएं। चुनाव के समय में मुफ्त योजनाओं के वादों के बजाय महंगाई पर नियंत्रण और युवाओं को स्थायी रोजगार देने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।