चंबा। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत कर्मचारी यूनियन चंबा के प्रधान की अगुवाई में यूनियन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने विद्युत बोर्ड कार्यालय परिसर के बाहर आधा घंटा धरना-प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन दोपहर डेढ़ से लेकर दो बजे तक जारी रहा। चंबा इकाई ने बिजली बोर्ड कर्मचारी एवं इंजीनियर्स फंट के आह्वान पर विभिन्न मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया।
इकाई प्रधान दरबारी लाल ने मुख्यमंत्री से विशेष आग्रह किया कि हिमाचल प्रदेश के दूसरे सभी विभागों में पुरानी बहाल कर दी गई है लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से तीन बार घोषणा करने के बावजूद बिजली बोर्ड प्रबंधन पुरानी पेंशन बहाल करने में पूरी तरह नाकाम रही है। इससे बिजली कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि बिजली बोर्ड में तुरंत प्रभाव से पुरानी पेंशन बहाल की जाए। इसके साथ ही यूनियन ने चंबा की चार विद्युत परियोजनाओं का एचपीपीसीएल को हस्तांतरित करने का पुरजोर विरोध किया और इसे बिजली बोर्ड को वापस करने की मांग की। यूनियन ने बिजली बोर्ड का विघटन कर इसके संचार और उत्पादन विंग और परियोजना विंग को अलग-अलग करने की मुहिम पर तुरंत रोक लगाने की मांग भी उठाई। बताया कि विद्युत बोर्ड 220, 132, 66 केवी विद्युत स्टेशनों को एचपीपीसीएल को हस्तांतरित न किया जाए। इससे बिजली बोर्ड का सारा ढांचा चरमरा जाएगा और ऐसा होने से उपभोक्ताओं की बिजली दरें करीब दोगुनी हो जाएंगी। इससे प्रदेश की आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। यूनियन ने स्मार्ट मीटररिंग और आरडीएसएस स्कीम का विरोध किया और इसे जनहित में तुरंत प्रभाव से रद्द करने की मांग उठाई। यूनियन ने बिडली बोर्ड में खाली आठ हजार से अधिक विभिन्न पदों को तुरंत भरने की मांग की है। धरना-प्रदर्शन में बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के राज्य संयुक्त सचिव मुकेश कुमार, राज्य सलाहकार समिति सदस्य अनिल कुमार , अशोक कुमार, सचिव प्रताप चंद, उपाध्यक्ष किशोर कुमार, जिला अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष विजय शर्मा, विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम चंबा के जिलाध्यक्ष आत्मा राम शर्मा, महासचिव नरसिंह रावत, एनपीएसईबीएल पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन से मुख्य सलाहकार वीएम महाजन, सचिव मुकेश बेदी, बुधिया राम, आत्मा राम, जयेश अहीर, विनीत ठाकुर, राज कुमार, पृथ्वी सिंह, पवन कुमार, अनिल शर्मा, नरेश कुमार आदि मौजूद रहे।