चंबा। जिले में इलेक्ट्रिक बसें चलने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। एक साल से कागजों में ही इलेक्ट्रिक बसें दौड़ रही हैं। चंबा डिपो से बीते दिसबंर से 21 इलेक्ट्रिक बसों के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
इसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। न इलेक्ट्रिक बसें आई हैं और न ही चार्जिंग पॉइंट लगे हैं। ये बसें शहर के बीस किलोमीटर के दायरे में चलाई जानी हैं।
गौरतलब है कि सरकार ने दिसंबर 2023 में प्रदेश भर में इलेक्ट्रिक बसें चलाने का एलान किया था। सभी जिलों से इसके लिए डिमांड मांगी गई थी। चंबा शहर के तीस किलोमीटर के दायरे में भी इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना थी। इसके लिए परिवहन निगम ने 21 बसों की मांग का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन यह मांग अभी तक फाइलों में ही घूम रही है।
एचआरटीसी के चंबा डिपो की लगभग 50 बसें लोकल रूट पर दौड़ रही हैं। इलेक्ट्रिक बसें आने से इन्हें स्थानीय रूटों पर चलाया जाना था। इलेक्ट्रिक बसों से जहां ईंधन की बचत होनी थी, वहीं नई बसें आने से लोगों को राहत भी मिलनी थी। निगम का दावा है कि प्रदेश सरकार को प्रस्ताव तो भेजा गया है, लेकिन इसे अभी तक मंजूरी नहीं मिल पाई है।
एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह ने कहा कि उन्होंने 21 इलेक्ट्रिक बसों की मांग का प्रस्ताव भेजा है, लेकिन इसे अभी स्वीकृति नहीं मिली है। उम्मीद है कि जल्द सरकार की ओर से मंजूरी दी जाए।