घर ढहने के बाद दो बरसातों से प्लास्टिक के तंबू में रह रहे किशन सिंह और शांति देवी
मंदिर की सराय में ठहरने पर बनी सहमति, एसडीएम के निर्देश पर पहुंची प्रशासनिक टीम
पंचायत उपप्रधान ने बुजुर्ग दंपती के लिए दो बिस्वा जमीन देने की पेशकश की
संवाद न्यूज एजेंसी
नैनीखड्ड (चंबा)। नैनीखड्ड पंचायत के टिकरी गांव में घर ढहने के बाद करीब दो बरसातें प्लास्टिक के तंबू में गुजारने को मजबूर बुजुर्ग दंपती किशन सिंह और शांति देवी के लिए प्रशासन ने पहल की है।
एसडीएम भटियात के निर्देश पर नायब तहसीलदार रूप सिंह नेगी, रीडर रजनीश राणा और ग्राम पंचायत नैनीखड्ड के उपप्रधान अंकित महाजन मौके पर पहुंचे। टीम ने दंपती से मुलाकात कर उनकी स्थिति और अब तक मिली सहायता की जानकारी ली। संवाद न्यूज एजेंसी के माध्यम से अमर उजाला में यह मामला प्रमुखता से उठाया गया था।
दंपती के लिए तत्काल रहने की व्यवस्था को लेकर भी मौके पर चर्चा की गई। प्रशासन ने पंचायत भवन नैनीखड्ड अथवा साथ लगते मंदिर की सराय में ठहराने का विकल्प दिया। दंपती ने पंचायत भवन में रहने से इन्कार कर मंदिर की सराय में रहने पर सहमति जताई है। नायब तहसीलदार ने मौके की स्थिति का जायजा लेकर रिपोर्ट प्रशासन को भेजने और दंपती को हरसंभव फौरी राहत उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।
दंपती की स्थिति को देखते हुए पंचायत उपप्रधान अंकित महाजन ने अपनी ओर से दो बिस्वा जमीन देने की पेशकश भी की है। इससे स्थायी आवास की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना बनी है। बताया गया कि महिला के मायका पक्ष के पास जमीन है, लेकिन दंपती वहां जाना नहीं चाहता। ऐसे में स्थानीय स्तर पर ही रहने की व्यवस्था करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
दो बरसातों से तंबू में रह रहे बुजुर्ग दंपती को फिलहाल ठिकाना मिलने की उम्मीद जगी है। प्रशासन की ओर से आगामी कार्रवाई जारी है। अब स्थायी आवास और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
नायब तहसीलदार रूप सिंह नेगी ने बताया कि उनकी अगुवाई में टीम दंपती से मिली है। दोनों ने पंचायत भवन में रहने से मना कर दिया है। दंपती ने मंदिर की सराय में रहने को हामी भरी है। आगामी कार्रवाही विभाग की ओर से जारी है।