चंबा। जिले में बारिश न होने के कारण किसान चिंतित हैं। अब जंगली सूअर और बंदरों के बढ़ते आतंक ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। गेहूं और मटर की तैयार होती फसलों को नुकसान से बचाने के लिए किसान खेतों में पुतले लगाकर निगरानी कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि रात के समय सूअर खेतों में घुसकर फसल को रौंद देते हैं, जबकि दिन में बंदरों के झुंड नुकसान पहुंचा रहे हैं। फसल बचाने के लिए किसानों को दिन-रात खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है।
किसान भजन सिंह, उत्तम सिंह, किशन चंद, बिहारी लाल और चतर सिंह ने बताया कि कुछ फसल उगने लगी तो उसे सुअर और बंदर तबाह करने में लगे हैं। हम खेती पर ही निर्भर हैं। एक तरफ बीज महंगा है तो दूसरी तरफ इतनी मेहनत के बाद भी भविष्य की चिंता हो रही है। उधर, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह का कहना है कि जंगलों जानवरों से फसल को बचाने के लिए किसान विभाग के पास खेतों में कांटेदार तार लगाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।