सिहुंता(चंबा)। राजकीय अध्यापक संघ चंबा के पदाधिकारियों ने चंबा में प्रशासन के परीक्षा परिणाम प्रतिशतता बढ़ाने के प्रयासों पर सवालिया निशान लगाए है। संघ के जिलाध्यक्ष संजय ठाकुर ने बताया कि प्रशासन की ओर से इग्जाम लिए जा रहे हैं, जिसका बच्चों को ज्यादा असर पड़ता नहीं दिख रहा है। इससे बच्चों में आगामी बोर्ड परीक्षा का हौवा बन गया है। स्कूली बच्चों की रिवीजन, क्लास टेस्ट और प्रेक्टिकल वर्क पीछे छूटता जा रहा है। बच्चों में परीक्षा को लेकर इतना भय पैदा हो गया है कि आगामी बोर्ड परीक्षाओं में बच्चे अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे।
राजकीय अध्यापक संघ चंबा के जिलाध्यक्ष संजय ठाकुर, राज्य कोषाध्यक्ष परस राम, सिहुंता ब्लॉक के प्रधान महिंद्र पाल का कहना है कि प्री बोर्ड के शेड्यूल के कारण बच्चों को रिवीजन और प्रेक्टिकल का उचित समय नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि बार-बार प्री बोर्ड होने से उन्हें यूनिट वाइज रिवीजन नहीं करवा पाए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार और विभाग की ओर से नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। सात से 21 दिसंबर तक एससीईआरटी सोलन की ओर से प्री बोर्ड लिया गया। इसके बाद 25 दिसंबर से पांच जनवरी तक स्कूलों में छुट्टियां रहीं। इसके बाद तुरंत डीसी चंबा की ओर से दस से 18 जनवरी तक पहला प्री बोर्ड शुरू करवाया गया। अब इसके बाद पांच फरवरी से डीसी चंबा की ओर से दूसरा प्री बोर्ड लेने के आदेश दिए हैं। उन्होंने मांग की है कि दूसरे प्री बोर्ड परीक्षाओं पर रोक लगाई जाए। ताकि बच्चों को रिवीजन और प्रेक्टिकल का उचित अवसर मिल सके।