चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा में अव्यवस्था काफी हद तक हावी दिख रही है। सोमवार को मेडिकल कॉलेज चंबा में ईसीजी नहीं हो पाए। इससे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य मंत्री के चंबा आगमन को लेकर ईसीजी रूम को दूसरी जगह पर शिफ्ट करते हुए बाकायदा स्टाफ को भी भेज दिया लेकिन अब 80 हजार रुपये की कीमत की ईसीजी मशीन नमी के कारण खराब हो गई है। इससे मरीजों के ईसीजी नहीं हो पाए। ईसीजी न होने का सीधा असर विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीजों और ऑपरेशन करवाने के इंतजार में बैठे मरीजों पर पड़ रहा है।
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज चंबा में स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए पांचों विस क्षेत्रों चुराह, डलहौजी, भटियात, चंबा और भरमौर-पांगी की पौने छह लाख की आबादी पहुंचती है। लेकिन मेडिकल कॉलेज चंबा में अव्यवस्था मरीजों की दुश्वारियां बढ़ाने का काम कर रही है। ईसीजी न होने की वजह से मरीजों को निजी क्लीनिकों में जाकर ईसीजी करवाने पड़े। इसके बाद कई मरीजों का उपचार तो कई के ऑपरेशन संभव हो पाए। सूत्रों के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्री के आगमन को लेकर स्वास्थ्य विभाग पुरी मुस्तैदी के साथ डट गया। ऐसे में ईसीजी करने के लिए तैनात स्टाफ को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भी शिफ्ट कर दिया गया। दूसरी जगह गंदगी से नालियां अटी पड़ी होने और मच्छरों के बीच में ही समय गुजरना पड़ा। मरीजों राहुल कुमार, संजीव कुमार, दिलीप कुमार, किशन चंद, योगराज, प्रताप चंद, अशोक कुमार, प्रकाश चंद आदि ने बताया कि ईसीजी करवाने के लिए पहुंचने पर उन्हें पता चला कि मशीन खराब हो गई है। ऐसे में उन्हें परेशानियां उठानी पड़ीं। कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को व्यवस्थाओं में सुधार लाने की जरूरत है।
ईसीजी प्रभारी मोहिंद्र ठाकुर ने बताया कि कमरे में नमी होने के कारण मशीन में भी नमी आ गई है। इससे मशीन सही तरीके से कार्य नहीं कर पा रही है। मशीन कुछ सेकंड चलने के बाद ही बंद पड़ हो रही है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि ईसीजी मशीन खराब होने के बारे में सूचना मिली है। बताया कि मशीन की जल्द मरम्मत करवाकर मरीजों को इसका लाभ प्रदान करवाने के प्रयास किए जाएंगे।