चंबा जिले में परिवहन विभाग द्वारा बसों में कूड़ेदान लगाने का आदेश दिया गया था, लेकिन अधिकांश बसों में अब भी कूड़ेदान नहीं हैं। इससे यात्रियों द्वारा कचरा फैलाया जा रहा है और सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
चंबा। परिवहन विभाग की ओर से मालिकों और चालकों को वाहनों में कूड़ेदान रखने की एक सप्ताह की मोहलत खत्म हो गई है, लेकिन इन आदेशों पर कहीं अमल होता नजर नहीं आ रहा है। जिले में अधिकतर बसों में कूड़ेदान नदारद हैं और यात्री अब भी कचरा सीटों के नीचे या खिड़कियों से बाहर फेंकते दिख जाते हैं। इससे सफाई की लचर व्यवस्था हिचकोले खाती नजर आ रही है।
विज्ञापन
वहीं, विभाग की ओर से भी इन आदेशों की पालना करवाने के लिए अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बुधवार को बालू में चंबा-तीसा रूट की निजी बस की जांच में कूड़ेदान कहीं नहीं दिखा। यही हाल सुल्तानपुर पहुंची चंबा-पठानकोट रूट की बस का रहा। सरकारी बसों में भी कूड़ेदान का अभाव सामने आया, जो विभागीय आदेशों के प्रति गंभीर लापरवाही का संकेत है। न्यू बस स्टैंड से रूट पर जाने वाली आधे से ज्यादा बसों में कूड़ेदान नहीं हैं। भरमौर जीरो प्वाइंट पर भी चंबा-भरमौर रूट की निजी बस में कचरे के डिब्बे नदारद रहे, जबकि बस के भीतर कचरा बिखरा दिखाई दिया। उधर, बस स्टैंडों पर कूड़ेदान रखे जरूर गए हैं, मगर चिप्स, आइसक्रीम और कुरकुरे के रैपर यहां-वहां बिखरे मिल रहे हैं। इससे साफ है कि स्वच्छता अभियान केवल कागजों तक ही सीमित हो रहा है।
आदेश दिए जा चुके हैं। यदि वाहन चालक नियमों की पालना नहीं करेंगे तो आगामी दिनों में चेकिंग अभियान चलाकर सख्ती बरती जाएगी। — राम प्रसाद, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी