चंबा-कांगड़ा की सीमा पर लाहड़ू में पकड़ी गई अवैध नशीले कैप्सूल की खेप का मामला चर्चा का विषय बन गया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इस अवैध कारोबार को करने वाला गिरोह कांगड़ा के नूरपुर से चंबा में इन दवाइयों की खेप भेज रहा है। इसका पता यहां से चलता है कि नूरपुर और सदवां में इससे पहले भी इन नशीली दवाइयों को बड़ी-बड़ी खेप पकड़ी जा चुकी हैं।
यह ताजा मामला ड्रग कंट्रोल विभाग के अंतर्गत आता है। ऐसे में अब ड्रग कंट्रोल विभाग ही न्यायालय में इस मामले में फंसे आरोपी पर दोष साबित करने के लिए सबूत रखेगा। अगर इस खेप के सैंपल कंड़ाघाट स्थित प्रयोगशाला में पास हो जाते हैं तो विभाग के पास दोषी पर आरोप साबित करने के लिए पुख्ता सबूत रहेगा।
मामले में यह भी सामने आया है कि अगर जरूरत पड़ी तो इन नशीले कैप्सूल को बनाने वाली कंपनी से भी पूछताछ की जा सकती है। इसके लिए कैप्सूल के पत्तों पर छपा दवा कंपनी का नाम और बैच नंबर को आधार बनाया जा सकता है।
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प्रतिबंधित हैं लाहड़ू में पकड़े गए कैप्सूल : नरेंद्र ठाकुर
जिला ड्रग निरीक्षक अधिकारी नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि जो अवैध रूप से ले जाए जा रहे कैप्सूल पकड़े गए हैं वह प्रतिबंधित दवाई है। इसका प्रयोग असहनीय पीड़ा के समय रोगी को चिकित्सकीय परामर्श के बाद करवाया जाता है लेकिन नशे के लिए प्रयोग किया जाना बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है जो कि कालाबाजारी को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ समाज के लिए भी घातक बनती जा रही है।
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संवेदनशील जगहों पर पुलिस की नजर : डीएसपी
डीएसपी हेडक्वार्टर वीर बहादुर ने बताया कि पुलिस पार्टियां संवेदनशील क्षेत्रों की हर घटना पर नजर रखे हुए हैं। लिहाजा अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।