चंबा। आकांक्षी जिला चंबा के लिए पूर्व प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह ने मेडिकल काॅलेज खोलने की घोषणा की थी। उनके प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए ही प्रदेश के नाहन और हमीरपुर में मेडिकल काॅलेज भी यूपीए सरकार के समय स्वीकृत किए थे। इस दौरान प्रदेश में भी कांग्रेस की सरकार थी। तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं में पिछड़े आकांक्षी जिला चंबा का दर्द पूर्व प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन के समक्ष रखा। इसके बाद नाहन और हमीरपुर के साथ मेडिकल काॅलेज स्वीकृत किए और इनमें से प्रत्येक काॅलेज के लिए भवन बुनियादी ढांचे के लिए राशि स्वीकृत की गई थी, ताकि काॅलेज घोषणाओं तक सीमित न रहें।
सदर विधायक नीरज नैयर ने बताया कि वर्ष 2004 से 2014 तक केंद्र में यूपीए सरकार थी। इस दौरान डाॅ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। वर्ष 2009 में लगातार दूसरी बार केंद्र में सरकार बनाने के बाद हिमाचल में भी कांग्रेस पार्टी ने वीरभद्र सिंह की अगुवाई में सरकार बनाई थी। इस दौरान चंबा में मेडिकल काॅलेज खोला गया। मेडिकल काॅलेज के खुलने के बाद चंबा में स्वास्थ्य सेवाओं में कुछ हद तक सुधार हुआ। पहले जहां लोगों को उपचार के लिए टांडा और पठानकोट से लेकर दूसरे राज्यों के दूरदराज के जिलों में जाना पड़ता था। लोगों को घर-द्वार स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। यहां पुराने अस्पताल के पास ही तीन मंजिला भवन का निर्माण किया है, जहां मौजूदा समय में करोड़ों की मशीनरी के साथ बिस्तरों की व्यवस्था है। मौजूदा समय में चंबा मेडिकल काॅलेज का विस्तार किया जा रहा है।