चंबा के सत्संग भवन मुगला में सत्संग सुनते अनुयायी।संवाद
चंबा।
संत निरंकारी सत्संग भवन मुगला में भक्ति पर्व के उपलक्ष्य पर सत्संग का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता महात्मा दीपक ने की। समागम का शुभारंभ आरती वंदना से किया गया। इस मौके पर दूर दराज़ के गांवो साहो, जडेरा, राख, जांगी, मैहला, मंगला, आदर्शनगर आदि क्षेत्रों से आए संतों महात्माओं ने सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की शिक्षाओं को अपने विचारों व भजनों द्वारा व्यक्त किया। मंच पर विराजमान महात्मा दीपक ने अपने सारगर्भित प्रवचनों से साध संगत को भाव विभोर करते हुए कहा कि जीवन का जो सार तत्त्व है, वह शाश्वत रूप में यह निराकार प्रभु परमात्मा है। यदि हम किसी स्वार्थ की पूर्ति के लिए ईश्वर की स्तुति करते हैं, तो वह भक्ति नहीं कहलाती। भक्ति तो हर पल, हर कर्म को करते हुए ईश्वर की याद में जीवन जीने का नाम है। यह एक हमारा स्वभाव बन जाना चाहिए। सत्संग के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह जानकारी सेवादार विनोद कुमार ने दी। संवाद