हिट एंड रन कानून के विरोध में ट्रक यूनियन के आवाह्न पर खड़े ट्रक। स्त्रोंत-संवाद।
चंबा। जिला चंबा के 60 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 100 डॉक्टरों ने काले बिल्ले लगाकर मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की। डॉक्टरों ने काले बिल्ले सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर करने के लिए लगाए।
साथ ही सरकार को भविष्य में होने वाले अपने आंदोलन को लेकर सचेत भी किया। सात माह पहले जब प्रदेश में डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर पेन डाउन हड़ताल की थी तो मुख्यमंत्री ने डॉक्टर की एसोसिएशन को बुलाकर उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था। सात माह बीतने के बाद भी डॉक्टरों की कोई मांग पूरी नहीं हुई है। इसके चलते प्रदेश के डॉक्टरों ने अब सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। शुरुआत में डॉक्टर काले बिल्ले लगाकर अपना रोष प्रकट कर रहे हैं।
चंबा मेडिकल कॉलेज में कार्यरत मेडिकल अफसरों ने भी काले बिल्ले लगाकर वीरवार को अपनी ड्यूटी दी। जिले के नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने काले बिल्ले लगाकर मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की। मेडिकल अफसर एसोसिएशन के जिला महासचिव डॉक्टर करण हितैषी ने बताया कि पंजाब की तर्ज पर मूल वेतन पर एनपीए (नॉन प्रैक्टिस अलाउंस) हिमाचल के डॉक्टरों को दिया जाए। स्वास्थ्य निदेशक का पद विभाग डॉक्टर कैडर से ही भरा जाए। इसमें वरिष्ठ चिकित्सक को पदोन्नत किया जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी के पदों पर भी डॉक्टरों को तैनात किया जाए। कहा कि जब तक सरकार डॉक्टरों की इन मांगों को पूरा नहीं करती है, तब तक डॉक्टरों का रोष कम नहीं होगा। अभी डॉक्टर काले बिल्ले लगाकर अपना रोष प्रकट कर रहे हैं। भविष्य में राज्य एसोसिएशन की तरफ से दिशा निर्देश होने पर आगामी कदम उठाया जाएगा।