चंबा। हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन चंबा ने एक प्रशासनिक अधिकारी की ओर से ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक से दुर्व्यवहार करने पर आपत्ति जाहिर की है। एसोसिएशन ने सोमवार को प्रेसवार्ता करते हुए जिला प्रशासन को चेताया है कि अगर उक्त प्रशासनिक अधिकारी ने चिकित्सक से माफी नहीं मांगी तो सभी चिकित्सक मंगलवार से दो घंटे की पेनडाउन हड़ताल शुरू कर देंगे।
इसके बाद भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो चिकित्सक अनिश्चितकाल हड़ताल पर जाने से भी परहेज नहीं करेंगे। कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर विकास वर्मा ने बताया कि दस अप्रैल को उनकी ड्यूटी रात के समय मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन कक्ष में लगी थी। 11 अप्रैल को सुबह एक बजे एक प्रशासनिक अधिकारी अपनी पत्नी के इलाज को लेकर आपातकालीन कक्ष में पहुंचा। उस दौरान आपातकालीन का सारा स्टाफ कोविड-19 मरीज के इलाज में जुटा था। प्रशासनिक अधिकारी को जब उन्होंने दवाई लिखने के लिए इमरजेंसी पर्ची लाने को कहा तो प्रशासनिक अधिकारी ने टेबल पर रखे एक्सरे फार्म पर दवाई लिखने को कहा।
ऐसा करने से उन्होंने इंकार कर दिया क्योंकि पर्ची के अलावा अन्य कागज पर दवाई लिखना नियमों के खिलाफ है। इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारी भड़क गए और उन्हें डराने धमकाने लगे। इसको लेकर मेडिकल कॉलेज प्राचार्य से फोन पर शिकायत कर दी। जबकि उन्होंने प्राचार्य को फोन पर सारी स्थिति समझाई।
उन्होंने कहा कि कुछ देर बाद प्रशासनिक अधिकारी पुलिस को लेकर दोबारा आपातकालीन कक्ष में पहुंच गए और जबरन कार्रवाई करने के लिए कहने लगे। इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. दिलबाग सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. संजय, डॉ. विशाल महाजन, डॉ. आदित्य ठाकुर, डॉ. विनोद, डॉ. राकेश ठाकुर, डॉ. देवेंद्र सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
उपायुक्त डीसी राणा ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला लाया गया है। जल्द दोनों पक्षों को एक साथ बैठाकर विवाद को सुलझाया जाएगा।