मौसम की बेरुखी और तकनीकी कारणों से वीरवार को मणिमहेश के लिए उड़ानें नहीं हो पाईं। मणिमहेश के लिए कामर्शियल उड़ानें होनी हैं। इसके लिए केंद्र सरकार के डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन की मंजूरी जरूरी थी। बुधवार को हैलीकॉप्टर ने ट्रायल के आधार पर भरमौर हैलीपैड से गौरीकुंड तक कई उड़ानें भरीं और गौरीकुंड में सफल लैंडिंग भी की। वीरवार सुबह से मणिमहेश यात्रा में हैलीकॉप्टर का व्यावसायिक इस्तेमाल शुरू होना था। लेकिन केंद्र सरकार से एनओसी न मिलने की वजह से उड़ानें नहीं हो पाईं। अब उड़ानें शुक्रवार तक के लिए टाल दी गई हैं।
शुक्रवार को दिल्ली से अधिकारियों की एक टीम भरमौर पहुंचेगी और यह टीम तय करेगी कि भरमौर हैलीपैड से मणिमहेश तक व्यावसायिक हवाई सफर सुरक्षित है या नहीं। इसके बाद ही उड़ानें शुरू हो पाएंगी। उधर, प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मौसम खराब होने की स्थिति में हैलीकॉप्टर की उड़ानें नहीं होंगी। इसके लिए जिन यात्रियों ने हेली टैक्सी से मणिमहेश के दर्शन करने हैं, वे मौसम का रुख देखकर ही यात्रा व हवाई सफर के लिए पंजीकरण करवाएं।
मौसम पर निर्भर करेंगी उड़ानें : प्रशासन
उधर, अतिरिक्त दंडाधिकारी भरमौर विनय धीमान ने बताया कि शुक्रवार से हेली टैक्सी सेवाएं शुरू हो जाएंगी। लेकिन, यह सेवा मौसम पर निर्भर करेगी। दिल्ली से शुक्रवार सुबह अधिकारियों की टीम भरमौर पहुंच जाएगी और इजाजत मिलते ही मौसम का रुख देखकर व्यावसायिक उड़ानें शुरू हो जाएंगी।