चंबा दुकान में बेचने के लिए रखा गया देसी शहद।संवाद
चंबा। जिले में अगस्त से सितंबर तक भारी बारिश के कारण आई आपदा ने मधुमक्खी पालकों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इससे शहद की आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ा है। देसी शहद की कीमतों में 50 से 70 रुपये तक का इजाफा हुआ है। एक किलो देसी शहद पहले 200 से 230 रुपये में मिल रहा था। अब वह 300 के करीब मिल रहा है।
साहो और होली क्षेत्र के मधुमक्खी पालकों को इस आपदा का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। बारिश के पानी में उनके बॉक्स बह गए और मधुमक्खियां भी मर गईं। इससे शहद के उत्पादन में कमी आई है। शहर के बाजार में इन दिनों लोग बड़ी संख्या में देसी शहद लेने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें उसके लिए ज्यादा दाम चुकाने पड़ रहे हैं।
मधुमक्खी पालकों को अब अगले सीजन से उम्मीद
मधुमक्खी पालक चैन लाल और नेक राम ने बताया कि उच्च गुणवत्ता के कारण ग्राहक देसी शहद को ज्यादा पसंद करते हैं। सर्दी और गर्मी में मिलने वाला शहद अपनी अलग-अलग खासियत के लिए जाना जाता है। आने वाले साल में शहद की उत्पादन और आपूर्ति बढ़ने की संभावना है, जिससे कीमतों में कमी आ सकती है और ग्राहकों को सस्ते दामों पर देसी शहद मिल सकता है।
दुकानदार बोले- आपूर्ति कम, बढ़ाने पड़े दाम
दुकानदार हर्ष कोमराय, लोकेंद्र कुमार, संजय कुमार, चैन सिंह, वीरेंद्र, जानू और योगराज ने बताया कि इस बार देसी शहद काफी कम मात्रा में बाजार में पहुंचा है। इसकी वजह से दामों में वृद्धि हुई है। संवाद