पहले 1800 रुपये में हो रहा था उपचार, अब मरीजों को चुकाने पड़ रहे दोगुना दाम
67 मरीज नियमित रूप से करवा रहे थे अपना डायलिसिस, बढ़ सकती हैं मुश्किलें
टांडा के बाद चंबा के यूनिट को सरकार ने हिमकेयर योजना से किया बाहर
प्रवीण कुमार
चंबा। पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस यूनिट में अब मरीजों को इलाज के लिए अधिक जेब ढीली करनी पड़ सकती है।
सरकार ने मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस यूनिट को हिमकेयर योजना के दायरे से बाहर कर दिया है। इसके बाद डायलिसिस की सुविधा लेने वाले मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है। अब तक हिमकेयर योजना के तहत मरीजों को करीब 1800 रुपये में डायलिसिस की सुविधा मिल रही थी। इसका शुल्क अब दोगुना हो सकता है। सरकार ने टांडा के बाद चंबा की यूनिट को योजना से बाहर किया है।
डायलिसिस मरीजों को सप्ताह में दो से तीन बार उपचार की आवश्यकता होती है। ऐसे में शुल्क में होने वाली बढ़ोतरी का सीधा असर मरीजों पर पड़ सकता है। हिमकेयर योजना के तहत उपचार मिलने से मरीजों को काफी राहत मिल रही थी। किडनी संबंधी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को नियमित अंतराल पर डायलिसिस कराना पड़ता है।
लोगों में जय सिंह, गुरमीत, महिंद्र सिंह, रवि कुमार, करण, शम्मी कुमार, अजय कुमार और नरेंद्र कुमार ने बताया कि आकांक्षी जिले में सरकार को स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करनी चाहिए, लेकिन इस प्रकार की सेवाओं को भी यदि सरकार खत्म कर देगी तो गरीब मरीजों को अपना इलाज करवाना मुश्किल हो जाएगा।
प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि सरकार को आकांक्षी जिले का हवाला देकर यहां के मरीजों को विशेष छूट देने का प्रस्ताव भेजा है। उम्मीद है कि सरकार इस प्रस्ताव पर जरूरी गौर करेगी और यूनिट को योजना से बाहर नहीं किया जाएगा।