चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की कैंटीन में दोपहर के खाने के लिए उस समय धक्का-मुक्की बढ़ गई जब बाजार के अन्य ढाबे बंद होने के कारण लोग दोपहर का भोजन करने के लिए मेडिकल कॉलेज की कैंटीन की तरफ भागे। यहां पर रूटीन की तरह कैंटीन संचालक ने मरीजों और तीमारदारों के अलावा मेडिकल कॉलेज स्टाफ को देखते हुए भोजन तैयार किया था लेकिन मनोहर हत्याकांड के विरोध में जिला मुख्यालय में रैली में भाग लेने के लिए सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए थे।
इन लोगों को दोपहर के भोजन के लिए कोई ढाबा बाजार में खुला नहीं दिखा क्योंकि मनोहर हत्याकांड के विरोध में चंबा बंद का एलान किया गया था। इसके चलते बाजार में सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानों को बंद रखा था। इसके चलते जो भी लोग बाजार पहुंचे हुए थे वे खाना खाने के लिए मेडिकल कॉलेज की कैंटीन की तरफ भागे। इसके चलते कैंटीन में दोपहर 2:00 बजे से पहले ही आटा खत्म हो गया। उसके बाद चावल भी खत्म हो गए लेकिन लोगों की मांग को देखते हुए संचालक ने और भोजन तैयार किया। मेडिकल कॉलेज के स्टाफ को भी दोपहर के भोजन को लेकर काफी परेशानी हुई।