चंबा। संत निरंकारी सत्संग भवन मुगला में रविवार को ज्ञान की गंगा बही। महात्मा दुनी चंद की अध्यक्षता में सत्संग का आयोजन किया गया। मंच पर विराजमान महात्मा दुनी चंद ने अपने प्रवचनों से संगत को भाव-विभोर करते हुए कहा कि परमात्मा को जानने कि इच्छा रखने वाले जिज्ञासु के जीवन में भक्ति की शुरुआत ही ब्रह्मज्ञान के बाद होती है। जब सदगुरु की कृपा से जिज्ञासु को ब्रह्म ज्ञान हासिल हो जाता है तो उसके सारे भ्रम मिट जाते हैं। हमारे जीवन में एक बदलाव आना शुरू हो जाता है। फिर हम जाति, अमीर-गरीब और धार्मिक भेदभावों से ऊपर उठते हैं। हमारे मन में प्रेम, दया और करुणा वाले भाव पनपने शुुरू हो जाते हैं। इस मौके पर दूरदराज के गांवों से आए श्रद्धालु भक्तों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। साहो, जडेरा, राख, जांगी, मैहला और मंगला आदि क्षेत्रों से आए महात्माओं ने सदगुरु माता सुदीक्षा महाराज की शिक्षाओं को अपने विचारों और भजनों से व्यक्त किया।