चंबा के मणिमहेश डल झील में डुबकी लगाने के बाद वापिस आते श्रद्धालु।संवाद
चंबा। मणिमहेश यात्रा के बड़े न्हौण पर हेली टैक्सी सेवाओं से श्रद्धालुओं को काफी निराशा हुई। कई श्रद्धालु हेली टैक्सी से यात्रा करने के लिए भरमौर में पांच से छह दिन तक रुके रहे, लेकिन उनका उड़ान के लिए नंबर नहीं लग पाया।
इन श्रद्धालुओं ने हेली टैक्सी सेवाएं मुहैया करवाने वाली कंपनी व भरमौर प्रशासन पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। कंपनी ने एक हेलीकॉप्टर खराब होने पर दूसरा हेलिकाप्टर मुहैया नहीं करवाया। एक हेलिकाप्टर पर सभी यात्रियों को भरमौर से गौरीकुंड पहुंचाने का जिम्मा आ गए। पहले दो हेलिकाप्टर भरमौर से गौरीकुंड के लिए उड़ान भर रहे थे। दो दिन से एक ही हेलिकाप्टर सेवाएं दे रहा है। लुधियाना से मणिमहेश यात्रा करने पहुंचे गज राज शर्मा ने बताया कि वह 12 दिन पहले भरमौर पहुंचे थे, लेकिन अभी तक उनका नंबर हेली टैक्सी में नहीं लगा है। रोजाना हेलीपैड में जाने पर कहा जाता है कि अगली सुबह उनका नंबर लग जाएगा। धर्मशाला से आए राजेश कुमार ने बताया कि वह तीन दोस्तों के साथ आए हैं। उन्हें हेली टैक्सी सेवा नहीं मिल पाई। ऑनलाइन बुकिंग के पैसे लौटाने के लिए भी कंपनी के कर्मचारी ऑनलाइन मेल डालने की बात कर रहे हैं। उधर, एसडीएम कुलबीर सिंह राणा ने बताया कि कंपनी को दूसरा हेलिकाप्टर मुहैया करवाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कंपनी ने टेंडर में दिए गए नियमों की अवहेलना की तो कंपनी पर कार्रवाई की जाएगी।
चंबा के मणिमहेश डल झील में डुबकी लगाने के बाद वापिस आते श्रद्धालु।संवाद