लंबित काम जल्द पूरा करने के निर्देश, बीवीजी-रामजी में स्कूलों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता
उपायुक्त बोले- पीएम आवास योजना के लाभार्थियों की पात्रता का होगा मौके पर सत्यापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। ग्रामीण विकास योजनाओं की रफ्तार और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने पंचायत स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से नियमित फील्ड निरीक्षण करने और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध पूरा करवाने को कहा।
उपायुक्त ने कहा कि विकास कार्यों की वास्तविक प्रगति के साथ उनकी गुणवत्ता और उपयोगिता का मौके पर सत्यापन किया जाए। पंचायतों में नए कार्य शुरू करने से पहले पहले से लंबित और प्रगतिरत कार्यों को पूरा किया जाए।
उन्होंने मनरेगा की कार्ययोजना में विद्यालयों तक पहुंच मार्ग, खेल मैदान, शौचालय, चारदीवारी, रास्तों और पुलियों की मरम्मत जैसे पात्र कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की समीक्षा के दौरान उन्होंने लाभार्थियों के चयन में विशेष सावधानी बरतने को कहा। पात्रता पर संदेह होने की स्थिति में परिवार और आवास की स्थिति का मौके पर दोबारा सत्यापन करने के निर्देश दिए।
स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत बड़े गांवों में घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का पृथक्करण और उचित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। गैर-कार्यशील सामुदायिक स्वच्छता परिसरों को भी जल्द चालू करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और सरकारी भवनों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने तथा 15वें वित्त आयोग की राशि का नियमानुसार स्थानीय जरूरतों के अनुरूप उपयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास की सफलता कार्यों की संख्या नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता, उपयोगिता और समयबद्ध पूर्णता से तय होती है।