ऊंचाई वाले जंगलों में अवैध कटान की जांच में जुटा विभाग
बर्फबारी प्रभावित जंगलों में मेपल की लकड़ी के कटान को लेकर छानबीन कर रहीं टीमें
टीम को प्रोथा और कुड़था के जंगलों में मिले हैं मेपल की लकड़ी के अवैध कटान के सुबूत
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। वन विभाग ने मेपल लकड़ी की अवैध तस्करी का मामला सामने आने के बाद जंगलों में जांच शुरू कर दी है। जांच की जा रही है कि ऊंचाई वाले जंगलों में मेपल के पेड़ों का कटान तो नहीं हुआ है। अभी तक की जांच में वन विभाग को प्रोथा और कुड़था के जंगलों में मेपल पेड़ की लकड़ी के अवैध कटाने के सुबूत मिले हैं। विभाग की ओर से गठित टीमें बर्फबारी से प्रभावित जंगलों में जाकर यह बात सुनिश्चित कर रही हैं कि जंगलों में मेपल की लकड़ी का अवैध कटान हुआ है या नहीं। जिन जंगलों में अवैध कटान के सुबूत मिलेंगे, वहां संबंधित कर्मचारियों से भी विभाग पूछताछ कर सकता है।
चंबा से तस्करी कर मेपल की लकड़ी उत्तर प्रदेश और वहां से चीन पहुंचाई जा रही है। इसका पर्दाफाश वन विभाग कर चुका है। जिस प्रकार अधिकारियों ने जान की बाजी लगाकर दूसरे राज्य में जाकर मेपल लकड़ी के तस्करों को दबोचा है, उसे देखकर वन विभाग के अधिकारियों की हर कोई सराहना कर रहा है। ऐसे में अब वन विभाग अपने जंगलों की सुरक्षा को लेकर और भी मुस्तैद हो गया है। विभागीय कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मेपल लकड़ी सहित जंगलों में अन्य पेड़ों के अवैध कटान पर पैनी नजर रखें।
मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि उन सभी जंगलों की जांच की जा रही है, जहां मेपल की लकड़ी पाई जाती है। इन जंगलों में इस बात को सुनिश्चित किया जा रहा है कि यहां मेपल लकड़ी का कटान हुआ है या नहीं। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।