पांगी घाटी के लिए हवाई सेवा शुरू करने की उठाई मांग
उपायुक्त चंबा के माध्यम से मुख्यमंत्री सुक्खू को भेजा ज्ञापन, कहा- सड़कें बहाल होने में लगेगा समय
भुंतर, किलाड़, धरवास, साच और अजोग हेलीपैड से विशेष हेलीकाप्टर उड़ानों की व्यवस्था करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बर्फबारी से पांगी घाटी बर्फ की चादर से ढक चुकी है। पांगी से बाहर निकलने की सभी सड़कों समेत संपर्क मार्गों से आवाजाही बंद है।
ऐसे में पांगी से बाहर निकालने के लिए हवाई सेवा शुरू करने की मांग पांगी वासियों ने की है। शुक्रवार को उपायुक्त चंबा के माध्यम से पांगीवासियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजा। मांग की है कि पांगी के लिए भुंतर, चंबा से किलाड़, धरवास, साच और अजोग हेलीपैड के लिए विशेष हेलीकाप्टर उड़ानों की व्यवस्था की जाए।
पांगी कल्याण संघ चंबा के अध्यक्ष भगत बरोत्रा, महासचिव बुधिया राम भारद्वाज सहित अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि बर्फबारी के बाद सड़कों पर आवाजाही बंद होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बर्फ के बीच पैदल यात्रा भी जोखिम भरी है। हिमस्खलन का खतरा भी है। सड़कों की बहाली में कई दिन या सप्ताह लग सकते हैं। भुंतर, चंबा से किलाड़, धरवास, साच और अजोग हेलीपैड से विशेष हेलीकाप्टर उड़ानें करवाई जाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि भारतीय वायु सेना के एम 117 हेलीकाप्टर की व्यवस्था करवा कर लोगों को राहत दी जाए। पांगी घाटी एक भूमि से घिरा पठार है। आपातकालीन निकास, चिकित्सा या अन्य के लिए निर्भरता भुंतर और चंबा से किलाड़, अजोग, साच और धरवास हेलीपैड तक केवल हेलीकाप्टर उड़ानों पर निर्भर करती है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान जनजातीय उड़ानों के लिए चार करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिसका उपयोग पांगी के लोगों को राहत देने के लिए किया जाना चाहिए।