चंबा। रावी नदी पर विभिन्न स्थानों पर बने पुलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इन पुलों पर लाइटें वर्षों से बंद पड़ी हैं, जिससे रात के समय यहां अंधेरा पसरा रहता है।
इससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। बालू क्षेत्र स्थित पुराने बालू पुल, नवनिर्मित बालू पुल और परेल में बने पुलों पर कहने को तो लाइटों के लिए खंभे स्थापित हैं लेकिन लाइटें लगाना विभाग भूल गया है।
आलम ये है कि रात के अंधेरे में पुलों समेत आसपास के क्षेत्र में अंधेरा छाया रहता है। जिस कारण यहां से रात के समय पैदल आवाजाही करना राहगीरों के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सबसे बड़ी हैरत की बात यहां ये भी है कि ये पुल भरमौर-पठानकोट नेशनल हाईवे से जुड़े हैं और इनसे प्रतिदिन हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।
इसके बावजूद संबंधित विभाग और जिला प्रशासन ने अब तक यहां लाइटों की व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया है।
स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों में अमर सिंह, मान सिंह, योगराज, उमेश कुमार, किरण सिंह, दलीप कुमार, हाकम चंद, राजीव कुमार का कहना है कि विभाग ने पुलों के निर्माण पर तो पानी की तरह पैसा बहा दिया लेकिन इनके रखरखाव, विशेषकर रोशनी की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया है।
कई बार शिकायतें की गईं लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिस कारण आज भी लोग रात के अंधेरे में अंधेरे में ही आवाजाही करने को विवश हैं। उपायुक्त चंबा मकेश रेपसवाल ने बताया कि पुलों पर स्ट्रीट लाइटें बंद होने की जानकारी मिली है। संबंधित विभाग से इस बारे जवाब तलब किया जाएगा। जल्द ही पहले की तरह ही पुल रोशनी से गुलजार होंगे।