कुठेहर पंचायत में क्रशर को दिखाता स्थानीय व्यक्ति।
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होली (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र होली में निर्माणाधीन कुठेड़ जलविद्युत परियोजना में कंपनी ने बिना परमिशन ही क्रशर और बैचिंग प्लांट लगा दिए हैं। इसके चलते ग्रामीणों में काफी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन की ओर से नियमों की अवहेलना की जा रही है। प्लांट से निकलने वाला गंदा पानी कुठेड़ नाले से होकर रावी में मिल रहा है, जिससे नदी प्रदूषित हो रही है। इसके बारे में कई बार प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
उधर, कंपनी प्रबंधन नियमों की अवहेलना करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक कंपनी ने कुठेड़ गांव के समीप डैम साइट पर क्रशर और बैचिंग प्लांट लगा रखे हैं। इनसे उड़ने वाली धूल ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। वार्ड सदस्य रशपाल, रवि कुमार, विजय कुमार और दिलीप कुमार का कहना है कि धूल से जहां फसलें खराब हो रही हैं तो वहीं, दूसरी ओर वातावरण भी खराब हो रहा है। क्रशर प्लांट की आवाज से ग्रामीणों को चैन की नींद तक नहीं मिल पा रही है। इसके अलावा सर्दियों में पशुओं के लिए चारे की भी किल्लत रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने ग्रामीणों को डराने और धमकाने के लिए कुछ कर्मियों की भी तैनाती कर रखी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि कंपनी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पंचायत प्रधान सिरमौरी लाल का कहना है कि कंपनी प्रबंधन ने क्रशर और बैचिंग प्लांट के लिए पंचायत से किसी प्रकार की एनओसी नहीं ली है। कहा कि कंपनी नियमों की अनदेखा कर रही है और प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। नायब तहसीलदार होली टीएस ठाकुर का कहना है कि यह मामला ध्यान में है। इस मामले में परमिशन को लेकर जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जल्द ही जांच पूरी होगी।
साइट इंचार्ज सतपाल सिंह का कहना है कि क्रशर और बैचिंग प्लांट कंपनी ने नियमों के अनुरूप ही चालू किया है। दावा किया इसकी परमिशन ली गई है।