चुराह घाटी की टोपीधार में अज्ञात लोगों ने तीन कच्चे घर जिसे कोठे भी कहा जाता है, को आग के हवाले कर दिया। इसका खुलासा तब हुआ जब टोपी गांव के लोगों ने इन कोठों के मालिकों को इसकी सूचना दी। यह लोग गर्मियों के समय में अपने पशुओं को चराने के लिए ऊपरी क्षेत्र की पहाड़ियों पर चले जाते हैं।
प्रभावितों नारो पत्नी फिरोजदीन, हमीरू पत्नी नसरा और रमजान पुुत्र नसरा ने बताया कि उनका मुख्य व्यवसाय पशुपालन है। ऐसे में अब उनके पास धार पर रहने का कोई बसेरा नहीं बचा है। गर्मियों का सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में प्रशासन उन्हें शीघ्र मुआवजा प्रदान करें, ताकि वह समय रहते अपने कोठों की मरम्मत करवाकर अपने मवेशियों सहित ऊपरी पहाड़ों की चरागाहों पर जाकर रह सकें। प्रभावितों ने कहा कि जिन अज्ञात लोगों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है, उन्हें शीघ्र पकड़ा जाए।
उधर, तहसीलदार तीसा राजेश जरिया ने बताया कि इस मामले को लेकर पटवारी को मौके पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। पटवारी के वापस मुख्यालय पहुंचने के बाद ही नुकसान का आंकलन बनाकर प्रभावितों को राहत राशि प्रदान की जाएगी।