चंबा-जोत मार्ग पर डुगली के समीप टाटा सूमो के लुढ़कने के बाद क्षेत्रीय चिकित्सालय चंबा का प्रशासन हरकत में आ गया। अभी एंबुलेंस हादसे के शिकार लोगों तक पहुंची ही थी कि जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विनोद शर्मा और क्षेत्रीय चिकित्सालय चंबा के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर जीवानंद चौहान स्वयं आपातकालीन कक्ष में प्रबंधों का जायजा लेने पहुंच गए।
शुक्रवार को पौने बारह बजे जोत मार्ग पर डुगली में सवारियों से भरी टाटा सूमो के खाई में गिरने की खबर आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई। घटना का जायजा लेने के लिए प्रशासन, पुलिस सहित अन्य सहायक विभाग भी घटना स्थल पर पहुंच गए। दुर्घटना के लगभग आधे घंटे के बाद सबसे पहले दो गंभीर घायलों को अस्पताल में लाया गया। जहां पर पहले से तैयार मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया। इसके पश्चात एक के बाद एक घायल अस्पताल पहुंचने लगे। जिन्हें उपचार देने के लिए क्षेत्रीय चिकित्सालय चंबा के बेहतरीन चिकित्सक मौके पर मौजूद रहे।
वहीं मुख्य अधिकारी भी समय समय पर प्रक्रिया का जायजा लेते रहे। हादसे के बाद चंबा अस्पताल में पांच घायलों को लाया गया था। जिनमें एक की उपचार के दौरान मौत हो गई। जबकि एक अन्य को रेफर कर दिया गया। जबकि तीन की हालत ठीक होने पर उन्हें चंबा अस्पताल में दाखिल कर लिया गया है।
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि क्षेत्रीय चिकित्सालय चंबा में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाना ही विभाग का लक्ष्य है। घायलों को अस्पताल में हर संभव स्वास्थ्य उपचार दिया गया।
क्षेत्रीय चिकित्सालय चंबा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जीवानंद चौहान ने बताया कि आपात के समय सतर्कता और सावधानी बरतने के निर्देश स्टाफ को दिए गए हैं। अस्पताल में दाखिल घायलों को स्वास्थ्य उपचार चल रहा है।