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भरमौर में भाजपा और कांग्रेस के गले में अटकी बीडीसी अध्यक्ष की कुर्सी

Wed, 09 Dec 2015 07:41 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंबा
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 पंचायतीराज चुनाव के दौरान भले ही उम्मीदवारों की गिनती राजनीतिक दलों से न होती हो, मगर भरमौर में मचे कोहराम ने साबित कर दिया है कि विचाराधारा के बगैर राजनीति संभव ही नहीं है। उपमंडल में चुनाव के जो नतीजे आए वो दोनों ही राजनीतिक दलों के गले में अटक गए। चुनाव जीतने वाले प्रत्याशियों ने जीतते ही ऐलान कर दिया कि वे कौन सी विचाराधारा से प्रेरित हैं और आने वाले पांच सालों में भरमौर की जमीनी राजनीति कैसी होगी। इस ऐलान के बाद से ही पूरा भरमौर तनाव में है।
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बीडीसी अध्यक्ष की ताजपोशी का मौका न तो कांग्रेस गंवाना चाहती है और न ही भाजपा। यह दोनों के लिए ही वर्चस्व की लड़ाई बन गया है। भरमौर में भाजपा ने शुरूआत में ग्यारह बीडीसी सदस्यों पर दावा किया था लेकिन बाद में दो सदस्य जिनमें एक महिला भी शामिल है पाला बदल गई। ऐसे में अब भाजपा के दावे वाले बीडीसी सदस्यों की गिनती नौ पर पहुंच गई है जबकि कांग्रेस के पाले में संख्या चार से बढ़कर छह हो चुकी है।



 कांग्रेस के लिए खास बात यह है कि अध्यक्ष पद के लिए अनुसूचित जनजाति की महिला कांग्रेस को मिल गई है। वीरवार को होने वाली बैठक में कोरम को पूरा करने के लिए सिर्फ आठ सदस्यों की जरूरत है। ऐसे में बैठक के भीतर या बाहर जोड़तोड़ की राजनीति हुई तो करवट किसी के भी पक्ष में बदल सकती है। भाजपा के लिए सबसे राहत की बात यह है कि अब भी पांच महिला बीडीसी सदस्य पार्टी के साथ हैं और उन्होंने सुरक्षा की मांग भी है। इन पांच के अलावा भाजपा को तीन और बीडीसी किसी तरह बैठक में पहुंचाने होंगे ताकि कोरम पूरा हो जाए और अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का फैसला सामने आ सके। बहरहाल, राजनीति के इस दांवपेंच में महज कुछ घंटों के बाद परिणाम सामने आ जाएगा और यह भी साफ हो जाएगा कि कांग्रेस के सबसे बड़े गढ़ भरमौर की जमीन पर हुकूमत कौन करेगा।
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इनसेट...
भाजपा के होंगे अध्यक्ष और उपाध्यक्ष : जिया लाल
उधर, अनुसूचित जनजाति के प्रदेशाध्यक्ष जिया लाल कपूर का कहना है कि भाजपा से ही बीडीसी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुने जाएंगे। सुरक्षा की मांग प्रशासन से की गई है और भाजपा से चुुनाव जीते सभी बीडीसी सदस्य बैठक में हिस्सा लेंगे और अध्यक्ष का चुनाव करेंगे।
इनसेट...
नंबर गेम है बीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव : अमित भरमौरी
वहीं, जिलापरिषद अध्यक्ष अमित भरमौरी का कहना है कि बीडीसी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव नंबर गेम है और बैठक में ही तय होगा कौन कितने वोट से जीता। उन्होंने कहा कि भाजपा उन पर झूठे आरोप लगा रही है। जो लोग कांग्रेस में शामिल हुए हैं वे अपनी मर्जी से आए हैं।
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