जनजातीय क्षेत्र भरमौर में चुनाव प्रचार पर पंचायतीराज विभाग ने रोक लगा दी है। साथ ही उपमंडल प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी उम्मीदवार प्रचार करते पाया जाए तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यह कार्रवाई उम्मीदवार पर जुर्माना लगाने से उसकी उम्मीदवारी रद्द करने तक हो सकती है।
पंचायतीराज विभाग ने लोगों से भी आह्वान किया है कि यदि कोई उम्मीदवार उनके पास वोट मांगने आता है तो वे इसकी सीधी शिकायत एसडीएम या खंड विकास अधिकारी कार्यालय भरमौर में करें। पंचायतीराज विभाग की ओर जारी आदेश में मतदान से 48 घंटे पूर्व चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने के निर्देश हैं।
भरमौर में 26 नवंबर को सुबह सात बजे से मतदान शुरू होगा। ऐसे में मतदान से पूर्व के 48 घंटे मंगलवार सुबह पूरे हो जाएंगे। मंगलवार को पूरा दिन कोई भी प्रत्याशी प्रचार नहीं कर पाएगा। प्रत्याशी इस दौरान न तो जनसभा कर सकता है और न ही भीड़ एकत्र कर लोगों के घरों में जाकर वोट मांग सकता है। इसके अलावा पोस्टर लगाने पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
इनसेट...
प्रत्याशी प्रचार करता पाया गया तो होगी कार्रवाई
उधर, जिला पंचायतीराज विभाग के अधिकारी एमएस नेगी का कहना है कि प्रचार मंगलवार सुबह से बंद हो जाएगा। इसके बाद कोई भी प्रत्याशी प्रचार करता है तो उसका फोटो या वीडियो उपलब्ध करवाने पर विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा। कोई भी प्रत्याशी प्रचार थमने के बाद जनसभा, रैली व पोस्टर अभियान नहीं चला सकता है। ऐसे उम्मीदवार को जुर्माना लगाने के साथ-साथ उसकी उम्मीदवारी रद्द करने तक का प्रावधान है।
इनसेट...
सोशल मीडिया ने बढ़ाई है विभाग की चिंता
सोशल मीडिया पर हो रहे प्रचार को रोकना पंचायतीराज विभाग के लिए संभव नहीं है। विभाग ने मोबाइल या इंटरनेट के जरिए हो रहे प्रचार को रोकने के लिए कोई प्रबंध नहीं किया है। ज्यादातर नेता मोबाइल व व्हाट्सएप या दूसरे माध्यमों से आखिरी दिन तक प्रचार करते रहेंगे लेकिन इन पर रोक के लिए व्यवस्था न होने से कोई कार्रवाई नहीं हो पाएगी।