रावी नदी पर बने परेल पुल से रविवार की सुबह पांच बजे एक महिला ने नदी में कूद कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
यह हादसा उस समय हुआ जब चंबा-पठानकोट मार्ग पर रावी नदी पर बने परेल पुल के समीप स्थित भुगनपुरा गांव की महिला अनीता (33) पत्नी कैलाश चंद के साथ रोजाना की तरह सुबह की सैर पर गई हुई थी।
महिला का घर रावी नदी से कुछ ही दूरी पर होने की स्थिति में उसका पति और वह रोज सुबह की सैर करने जाते थे। हादसे वाले दिन रविवार की सुबह भी सब कुछ सामान्य लग रहा था। अचानक जब यह दंपति परेल पुल पर पहुंचा तो अनीता ने अपने पति कैलाश को बताया कि वह आगे तक टहल कर आए। वह कुछ देर तक पुल पर ही बैठी रहेगी। इतने में जब अनीता का पति वापस लौट कर आया तो उसने देखा कि पुल पर केवल उसकी पत्नी अनीता का दुप्पटा और चप्पल रखे हुए हैं जबकि अनीता मौजूद नहीं है।
अनहोनी का संकेत समझने में कैलाश को जरा सी भी देरी नहीं लगी। बड़ी मुश्किल से कैलाश ने अपने घरवालों को इसकी सूचना दी कि जहन में चल रहे विचारों के चलते वह पुल पर बेसुध होकर गिर पड़ा। इतने में उसके परिजन भी मौके पर आ पहुंचे। जिन्होंने कैलाश के होश संभाले और अनीता की खोज में जुट गए। बहरहाल सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर आ पहुंची। जिसके बाद चले संयुक्त खोज अभियान में अनीता का शव शालीमार जलाशय में तैरता हुआ मिला।
नतीजतन अनीता के मायके और ससुराल पक्ष में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने भादंसं की धारा 174 के तहत शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवा अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया। मृतका के मायके और ससुराल पक्ष की ओर से पुलिस को बयान दिया गया कि अनीता काफी समय से मानसिक तनाव झेल रही है। मानसिक संतुलन बिगड़ने पर ही उसने यह कदम उठाया।