जिला मुख्यालय में जिला बेरोजगार लाइब्रेरियन संघ प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष जगदीश चंद की अध्यक्षता में रविवार को बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की ओर से जारी फरमान जिसमें कि निजी स्कूलों में सहायक लाइब्रेरियन के पदों को भरना अनिवार्य किया गया है पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जिला अध्यक्ष जगदीश चंद ने कहा कि सरकार निजी स्कूलों पर ज्यादा ध्यान देकर सरकारी स्कूलों कि अनदेखी कर रही है। इसका एकमात्र कारण प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की ओर से अपने बच्चों को शिक्षा लेने के लिए निजी स्कूलों में भेजना है।
इसी को मद्देनजर रखते हुए सरकार की ओर से निजी स्कूलों में हर प्रकार की सुविधा मुहैया करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। उनके लिए इस प्रकार की सुविधा क्यों नहीं है। इसी के चलते आज किसानों के बच्चे डॉक्टर व इंजीनियर बनने से पीछे रह रहे हैं। उन्होंने स्कूल शिक्षा बोर्ड के इस फरमान का विरोध करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों की ही भांति सुविधाएं उपलब्ध की जानी चाहिए।
प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष जगदीश चंद ने सरकार से मांग उठाई कि सहायक लाइब्रेरियन के पदों को सरकारी स्कूलों में भी भरा जाए ताकि गरीब परिवारों के बच्चे भी इन सुविधाओं का लाभ उठाकर अपने भविष्य को संवार सके।
इस मौके पर जिला बेरोजगार लाइब्रेरियन संघ जिला सचिव अविनाश अहीर, सह सचिव रवि कुमार, प्रेस सचिव पाल सिंह, कोषाध्यक्ष अश्वनी कुमार, सलाहकार समिति के जगो राम, छवि कैला, प्रदीप कुमार, संजू मैथा व विक्रम सिंह ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।