चुराह घाटी की चांजू पंचायत में सरकारी सुविधाएं व साधन सरकार के जागरूकता कार्यक्रमों के जैसे लग रहे हैं, जो कि अभियान के तहत यहां आकर लोगों को जागरूक करके चले जाते हैं।
फलस्वरूप लोग तो जागरूक हो रहे हैं लेकिन सरकार की नाकामयाबी के प्रति, क्योंकि जागरूकता अभियानों के तहत केंद्र और राज्य सरकारें जो साधन और सुविधाएं यहां मुहैया करवाने का गुुणगान करवाती हैं वह वास्तव में यहां से कोसों दूर दिखाई पड़ रहे हैं।
मौजूदा समय में चुराह की चांजू पंचायत में न सरकारी परिवहन की सेवा है, न ही यहां के आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र में किसी चिकित्सक की नियुक्ति, तो सरकार का बीएसएनएल का नेटवर्क आज तक सुचारु नहीं हो पाया है।
वहीं सरकारी निर्देशों के बावजूद यहां के किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र के लिए आज तक अपना भवन नहीं मिल पाया। जबकि पशु पालन व्यवस्था का तो यहां बुरा हाल है। ऐसे में यहां के लोग अब सरकार और सरकार के नुमाइंदों से दुखी हो चुके हैं।
यहां के ग्रामीणों में से सुरेश, जगदीश, अमर सिंह, जोगेंद्र, अशोक, खेम राज, बाल कृष्ण, हरदेव, सुरेंद्र, जगदेव, कमलेश, रविंद्र, भक्त सिंह, मनोहर, चमन, सुरेश, कुलदीप, विनोद व घिंद्र सिंह ने बताया कि यह लोगों की नाकामी या उनका दुर्भाग्य नहीं है, बल्कि उनके द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों की ओर से सरकार के समक्ष उनके क्षेत्र की समस्या सशक्त रूप से न रखा जाना है। इससे यह पंचायत प्रदेश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हुए भी विकास के लिए तरस रही है। यहां के लोगों ने स्थानीय व जिला प्रशासन, केंद्र और प्रदेश सरकार से मांग की है कि चांजू पंचायत में सुविधाओं के टोटे को शीघ्र दूर किया जाए।