सलूणी के डिब्बर निवासी रविंद्र कुमार पर चरस तस्करी का आरोप सिद्ध होने पर उसे पांच साल की कैद और बीस हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई गई है। यह फैसला योगेश जसवाल एलडी स्पेशल जज चंबा ने सुनाया है।
मामले की पैरवी पब्लिक प्रोक्सीक्यूटर अनिल अवस्थी ने की। दोषी को सीआईडी यूनिट ने पांच जनवरी 2015 को चरस के साथ रंगे हाथ पकड़ा था। पुलिस ने सलूणी के धारगला क्षेत्र नाका लगाया था। शाम को रविंद्र कुमार एक बैग लिए आया।
पुलिस को देख हड़बड़ा गया और भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने उसे दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके पास बैग से लगभग 750 ग्राम चरस बरामद हुई। लिहाजा पुलिस की सीआईडी टीम ने फौरन चरस को कब्जे में लेकर एनडीपीएस एक्ट के तहत रविंद्र कुमार को हिरासत में ले लिया।
लगभग एक वर्ष तक कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान नौ गवाहों ने रविंद्र कुमार के खिलाफ बयान दिया। इसके आधार पर अदालत ने रविंद्र कुमार पर चरस तस्करी का दोष साबित होने पर उसे पांच वर्ष की कैद और बीस हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी की सजा में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।