चंबा-होली मार्ग पर लोगों की व्यथा समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है। लगातार तीसरे दिन भी मच्छैत्तर नामक स्थान पर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से पत्थर गिरते रहे। इसके चलते रास्ता बहाल नहीं हो पाया।
उधर तीन दिनों से लगातार मार्ग बंद रहने की वजह से होली क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं का टोटा पड़ना शुरू हो गया है। बुधवार को भी लोनिवि के कर्मचारी प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्य करने के लिए मौजूद रहे लेकिन गिर रहे पत्थरों के चलते राहत कार्य नहीं हो पाया।
लिहाजा अगर सब कुछ ठीक रहा तो वीरवार को ही इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही संभव हो पाएगी। प्रभावित लोगों में से चैन लाल, पृथ राज, अशोक, प्रेम सिंह, दौलत राम, किश्न चंद और मनोहर ने बताया कि जिस जगह पर मलबा गिरा है वह जगह बहुत ही तंग है। जहां पर राहत कार्य करने के लिए सड़क के बीचोंबीच ही खड़ा हुआ जा सकता है, लेकिन पहाड़ से दरक रहे पत्थरों की समस्या से यह कार्य काफी जोखिम भरा साबित हो सकाता है।
उधर लोनिवि के कनिष्ठ अभियंता राजकुमार ने बताया कि लोनिवि मार्ग को बहाल करने का हर संभव कोशिश कर रही है। बहरहाल कामगारों की सुरक्षा भी प्राथमिकता है। जैसे ही पहाड़ से पत्थरों के दरकने का सिलसिला थम जाएगा, चंबा-होली मार्ग को बहाल कर दिया जाएगा।