लाहौल-स्पीति के दर्दनाक हादसे ने समूची पांगी घाटी को सदमे में डाल दिया है। रविवार को जैसे ही हादसे की खबर मिली, सभी लोगों के फोन बजने लगे। पांगी के ज्यादातर लोग वाया कुल्लू सफर करते हैं और इस मार्ग पर पांगी वासियों की गाड़ियां चलती रही है।
सिग्नल न होने की वजह से हादसे की खबर लेने के लिए दूरदराज की पंचायत से कई लोग किलाड़ पहुंच गए। बाद में कुमार पंचायत की गाड़ी गिरने की खबर से पूरी पंचायत में मातम पसर गया। इस पंचायत के पांच लोगों की हादसे में मौत हुई है। परिजन सुबह से ही भूखे-प्यासे शवों के वापस पहुंचने और घायलों का हाल जानने में जुट गए। लेकिन देर शाम तक शव कुमार नहीं पहुंच पाए। किलाड़ से कुमार गांव करीब 25 किलोमीटर दूर है। हादसे के बाद यहां लोग खराब सड़क को भी कोस रहे हैं।
पांगी घाटी के लोग लंबे समय से चंबा-पांगी के बीच सुरंग की मांग कर रहे हैं। लेकिन किसी भी सरकार ने उनकी इस मांग को पूरा नहीं किया है। घाटी में रविवार को हादसे के बाद लोगों के जख्म एक बार फिर हरे हो गए। लोगों ने सरकार को इस मुद्दे पर घेरते हुए इस हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
दरअसल, पांगी-चंबा के बीच सुरंग की मांग लंबे अरसे से चली आ रही है। हाल ही में केंद्र सरकार ने हाईवे से चंबा और पांगी को जोड़ने का निर्णय लिया है। लेकिन इस हाईवे में भी अभी तक सुरंग का प्रस्ताव नहीं है। जिससे भी लोग खासे नाराज हैं। चंबा-पांगी के बीच सुरंग का निर्माण होता है तो लोगों के समय की बचत होगी और हादसे का डर निकल जाएगा।